
एक पुरानी किताब के पन्नोँ पे आज उंगली चलाई
जाने कहाँ से कुछ धीमी आवाज़ें आई
आवाज़ एक जानी पहचानी सी
आवाज़ें कुछ बरसों पुरानी सी
एक हँसी थी दूर से आती हुई
गूंजती थी दिल को भरमाती हुई
कितनी ही बातें थी उस आवाज़ में
जाने क्या कह गई अपने ही अंदाज़ में
एक संगीत खामोशी की नींद तोड़ता हुआ
पुरानी ग़ज़लों का दुशाला ओढ़ता हुआ
कुछ सवाल उठे उचक कर ऐसे
नींद से कोई बच्चा जागता हो जैसे
बूढ़ी पंखुडियों से बुझी राख टटोल रहा था
जाने कहाँ से कुछ धीमी आवाज़ें आई
आवाज़ एक जानी पहचानी सी
आवाज़ें कुछ बरसों पुरानी सी
एक हँसी थी दूर से आती हुई
गूंजती थी दिल को भरमाती हुई
कितनी ही बातें थी उस आवाज़ में
जाने क्या कह गई अपने ही अंदाज़ में
एक संगीत खामोशी की नींद तोड़ता हुआ
पुरानी ग़ज़लों का दुशाला ओढ़ता हुआ
कुछ सवाल उठे उचक कर ऐसे
नींद से कोई बच्चा जागता हो जैसे
बूढ़ी पंखुडियों से बुझी राख टटोल रहा था
उस किताब में दबा एक गुलाब बोल रहा था
मेरा हाथ पकड कर वो मुस्कुराने लगा
किन्ही बिछडे रास्तों पर ले जाने लगा
कुछ सोच कर मैने उसका हाथ झटक दिया
किताब बंद कर उसका मुंह भी बंद कर दिया
मेरा हाथ पकड कर वो मुस्कुराने लगा
किन्ही बिछडे रास्तों पर ले जाने लगा
कुछ सोच कर मैने उसका हाथ झटक दिया
किताब बंद कर उसका मुंह भी बंद कर दिया
Kasam se Aisee Poem tu likhega ,yakin nahi aata.Very Nice .
ReplyDeleteVery nice Poem!!!!!!!!
ReplyDeleteआपका हिंदी ब्लॉग जगत में स्वागत है .आपका लेखन सदैव गतिमान रहे ...........मेरी हार्दिक शुभकामनाएं......
ReplyDeleteबहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्लाग जगत में स्वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।
ReplyDeleteबहुत खूब विकास जी कुछ पुरानी यादें ताज़ा हो गयीं आपकी रचना पढ़ कर
ReplyDeleteऐसे ही लिखते रहें
ब्लोगिंग जगत मे स्वागत है ।
ReplyDeleteसुन्दर रचना के लिए शुभकामनाएं
भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
लिखते रहिए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
कविता,गज़ल और शेर के लिए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
www.zindagilive08.blogspot.com
आर्ट के लिए देखें
www.chitrasansar.blogspot.com
अच्छी कविता है स्वागत है आपका ब्लॉग जगत में
ReplyDeletedarddilka
khoobsurat rachna.
ReplyDeleteblog jagat men aapke swagat ke saath ek baat , kya co-incidence hai tumhara upnaam swapn hai aur main bhi swapn upnaam se hi rachna karta hun. ab?
Excellent piece of work....simple words are saying a lot !!
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